गाड़ी का इंजन कैसे बनता हैं? Car Engine कैसे काम करता हैं-

नमस्कार दोस्तो! हमारी इस पोस्ट मे आपका स्वागत हैं।

आपने जीवन मे कभी ना कभी गाड़ी मे सफर जरूर किया होगा। एक जगह से दूसरे जगह मे जाने के लिये हम गाड़ी का इस्तेमाल करते हैं। आजकल तो हर अमीर लोगो के पास खुदका गाड़ी हैं। लेकिन किया आपने कभी ये सोचा हैं की आखिर गाड़ी का इंजन कैसे बनाया जाता हैं और इंजन कैसे काम करता हैं। इस पोस्ट मे हम आपको गाड़ी की इंजन के वारे मे बारीकी से बताएंगे। आपसे अनुरोध करेंगे की इस पोस्ट को अंतिम तक पढ़े।

गाड़ी का इंजन कैसे बनाया जाता हैं

गाड़ी का इंजन किया होता हैं:

दोस्तो किसी भी गाड़ी का इंजन एक ऐसा पार्ट होता है जो उस गाड़ी को ग्रति या चलने मे मदद करता हैं। ये एक ऐसा device है जो fuel की केमिकल एनर्जी को मैकानिकल एनर्जी मे convert करता है। इंजन के बिना कोई भी गाड़ी नहीं चल सकती। जिस तरह इंसान की जीवित होने के लिये उसके Heart काम करना जरूरी हैं ठिक उसी तरह एक गाड़ी चलने के लिये भी इंजन जरूरी होते हैं।

इंजन दो (2) प्रकार के होते हैं:-

  1. Internal Combustion Engine.
  2. External Combustion Engine.

जिस भी इंजन का fuel का Combustion सिलेंडर के अंडर हो तो उसे Internal Combustion Engine कहते हैं। जैसे की petrol और diesel का इंजन।

जिस इंजन के fuel का Combustion इंजन सिलेंडर के बाहर होते है तो उसे External Combustion इंजन कहते हैं। जैसे की steam engine और Stirling इंजन।

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गाड़ी की engine कैसे बनाया जाता हैं:

एक इंजन बनाने के लिये काफि सामग्री की जरूरत होती हैं। आपको बता दु की आम आदमी के लिये एक इंजन बनाना इतना आसान काम नहीं हैं। इसे वोही इंसान बना सकता हैं जो इंजीनियर की शिक्षा ले सुकि हैं। इसके अलावा इसे बनाने के लिये तरह तरह की मशीन का भी जरूरत होती हैं।

Engine बनाने के लिये सबसे पहले ऐल्यूमिनियम या लोहे से इंजन की बॉडी बनाया जाता हैं। उसके बाद cutting मशीन की मदद से इंजन की extra part को हटाया जाता हैं, इसके साथ ही सिलेंडर को smooth बनाया जाता है जिससे इंजन और सिलेंडर के बीच मे गदशम कम हो। उसके बाद worker उस इंजन को manually जांच करते है। फिर computer guided मशीन से steel रोड को एक निर्धारित pattern मे कटटी हैं।

अगले process मे इंजन की piston को tool की मदद से सिलेंडर मे डाले जाते हैं। उसके बाद piston को crankshaft के साथ attech किया जाता हैं। ऐसा हो जाने के बाद एक robot से उस इंजन की सारी स्क्रू की टाइट करते हैं।

आखरी मे उस इंजन मे exhaust pipe और कुछ छोटे components लगाया जाता हैं। फिर इंजन को testing के लिये भेजा जाता हैं। अगर टेस्टिंग मे इंजन पास हो जाये तो वो इंजन इस्तेमाल करने के लिये ready हो जाता हैं।

गाड़ी का इंजन कैसे काम करता हैं:

दोस्तो आप जानते ही होंगे की एक इंजन को चलने के लिये petrol या फिर diesel की जरूरत होती हैं। ऑयल (पेट्रोल/डीजल) इंजन को burn करके heat एनर्जी को produce करते है और फिर उस heat एनर्जी को slider crank के जरिये मैकानिकल work मे convert कर देता हैं।

पेट्रोल इंजन मे fuel को burn करने के लिये spark plug दिये जाते हैं और डीजल इंजन मे fuel को burn करने के लिये fuel injector दिया जाता हैं। एक सिलेंडर मे Combustion chember मे fuel बर्न होता है जिसकी pressure से piston का linear motion होता हैं। वो motion लगतार crankshaft के जरिये rotory motion मे convert हो जाते हैं, जिससे एक इंजन चलने या काम करने लगते हैं।

इंजन की life को कैसे बढ़ाये:

• इंजन को हमेशा साफ-सुथरा रखे। इसके लिये आप इंजन को flush करवा सकते हैं।

• समय समय पर इंजन ऑयल change करते रहे।

• सही समय पर गाड़ी की servicing करिये और उस सर्विसिंग मे गाड़ी की हर एक प्रॉब्लम को ठिक कराये।

• इंजन की सभी parts की एक certain life limit होता हैं, इसलिए पुराने parts को सही समय पर change करना भी जरूरी हैं।

• बहुत से लोग अपने गाड़ी को गलत तरीके से सलाते हैं जिसकी वजह इंजन जल्दी खराब हो जाते हैं। इसलिए हमे अपनी riding तकनीक को सुधारने चाहिये।

Conclusion:

तो आज आपने इस पोस्ट मे सिखा की गाड़ी का इंजन कैसे बनाया जाता हैं और इंजन कैसे काम करता हैं। हम उम्मीद करते हैं की आपको ये पोस्ट पढ़ के पसन्द आया। इसी तरह जबरदस्त informational आर्टिकल्स को पाने के लिये आपका ईमेल submit कर सकते हो।

कार्बोरेटर इंजन मे हवा और ईंधन को मिक्स करने का काम करता हैं।

डीजल की इंजन ज्यादा milege देता हैं।

Combustion process के दौरान air और fuel का mixer हो के जब pressure wave ganerate होता हैं, उस वक्त connecting rod उस pressure को piston से crankshaft मे transmit करते हैं।

Crankcase एक cover होता हैं जो crankshaft और दूसरे components को आपस मे होल्ड करके रखता हैं।